Saturday, August 20, 2016



                                             उमा चाचा का इस तरह सोना

मित का फोन अनमने ढंग से काटने के बाद सोच ही रहा था कि उसके इस वक्त सुबह फोन करने की क्या वजह होगी तभी उसका मैसेज आ गया कि गणेश के पापा नहीं रहे. मैसेज पढ़ने के बाद एकबारगी ऐसा लगा कि एक पुराना सदाबहार वक्त खो गया है.

वो अतीत के अच्छे दिन थे. रविवार को शाम चार बजे दूरदर्शन पर हिंदी फिल्म आया करता था. घर से फिल्म देखने की सख्त मनाही थी. गणेश के घर बैट्री था. बिजली न रहने की स्थिति में भी वहीं टीवी चलता था. हिंदी फिल्म के कारण गलियां खाली हो जाया करती थी क्योंकि गली के सब लड़के घरों में फिल्म देखने के लिए घुस जाया करते थे लेकिन चूंकि मेरे घर में टीवी देखने की मनाही थी इसलिए

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